भारतीय सनातन धर्म प्रचारक संघ | हिंदुत्व रक्षा महासंघ द्वारा संचालित एक दिव्य संकल्प
भारतीय सनातन धर्म प्रचारक संघ, हिंदुत्व रक्षा महासंघ द्वारा संचालित एक दिव्य संकल्प है—एक ऐसा पावन अभियान, जिसमें अखिल भारतीय स्तर पर साधु-संतों की तपस्या का बल , आशीर्वाद और मार्गदर्शन को एक पवित्र अनुरोध के द्वारा संगठनात्मक सूत्र में पिरोकर सनातन धर्म की रक्षा, जागरण और संगठनात्मक सशक्तिकरण का महायज्ञ सम्पन्न किया जा रहा है।
यह केवल एक पहल नहीं, बल्कि संतशक्ति और जनशक्ति के पावन संगम से राष्ट्रधर्म को पुनः प्रतिष्ठित करने का शाश्वत संकल्प है, जिससे सनातन चेतना अनंत युगों तक प्रकाशमान "रहेगी तथा देवभूमि और पुण्यभूमि भारत पुनः अपने परम वैभव को प्राप्त करके विश्वगुरु की भूमिका निभाते हुए समस्त वैश्विक मानव सभ्यता का मार्गदर्शन करेगी, तथा विश्व में उच्च मानवीय मूल्यों और गुणों की आदिकालीन परंपरा को वैदिक रीति से प्रतिष्ठित किया जा सकेगा।। .
भारतीय गौशाला संघ | गौ सेवकों और गौशालाओं का एकीकृत मंच
भारतीय गौशाला संघ का निर्माण और संचालन एक ऐसे पवित्र संकल्प के रूप में उदय हुआ है , जिसके माध्यम से अखिल भारतीय स्तर पर गौसेवा के क्षेत्र में कार्यरत सभी संगठनों, गौशालाओं और धार्मिक समितियों को एक सशक्त, एकीकृत और सम्मानजनक मंच प्रदान किया जा सके और संगठनात्मक सशक्तिकरण का महायज्ञ सम्पन्न किया जा सके ।"
यह संघ विभिन्न स्तरों पर सेवा कर रहे समूहों के बीच समन्वय, एकता और एकरूपता स्थापित करेगा, ताकि बिखरी हुई गौचेतना एक संगठित शक्ति बनकर उभरे और समर्पित, सुनियोजित तथा प्रभावी कार्यों के माध्यम से गौमाता की सेवा में श्रेष्ठ और स्थायी परिणाम प्राप्त किए जा सकें। और गौसेवा, जिसे हमारे ऋषि-मुनियों तथा हमारे भगवान ने स्वयं अपने जीवन का उद्देश्य बनाकर अपनाया, उसी पावन गौसेवा को आज गति दी जा रही है।
” जय श्री राधे कृष्ण
भारतीय हिन्दू मंदिर संघ | मंदिरों का एकीकृत अखिल भारतीय मंच
अखिल भारतीय स्तर पर मंदिरों का एकीकृत मंच यह केवल एक पहल नहीं, बल्कि देशभर के पवित्र स्थलों को एक सूत्र में बाँधकर सनातन धर्म की चेतना और श्रद्धा को सशक्त बनाने का दिव्य संकल्प है। इस प्रकार हिन्दू मंदिर हिन्दव: सोदरा: सर्वे, न हिन्दू पतितो भवेत्। मम दीक्षा हिन्दू: रक्षा, मम मंत्र: समानता।" के सामाजिक समरसता और सामूहिक एकता के शक्ति केन्द्रों के रूप में युवाओं को एकता,शक्ति और समानता की प्रेरणा देकर मजबूत करेंगे |
इस संकल्प के माध्यम से सेवा, संस्कृति और धर्मरक्षक गतिविधियाँ सुव्यवस्थित होंगी और हर सनातन मंदिर, समाज में नवचेतना , एकता और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रकाशस्तम्भ बनेगा । देशभर के पवित्र स्थलों को एक सूत्र में पिरोकर, सनातन धर्म की चेतना, श्रद्धा और धर्मपरायणता को सशक्त करने का यह दिव्य संकल्प हमारी चेतना और कर्तव्य की पहचान है।” आइए, इस पवित्र मिशन का हिस्सा बनें और धर्म और संस्कृति को जन-जन तक पहुँचाने में सहयोग दें।”.
About us
हिंदुत्व रक्षा महासंघ भारत देश में कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया से नियमानुसार विधिवत पंजीकृत संगठन है जो तथा सन 2012 से ही निरंतर सक्रिय रूप से कार्यरत है । हमारी विशिष्ट पहचान सनातन एकता, गौसेवा और देशभक्ति में निहित है। हम दृढ़ता से मानते हैं कि महान आदर्शों की प्राप्ति, पवित्र आचरण और माता-पिता तथा गुरु जनों के आशीर्वाद के बिना संभव नहीं है। संगठन सनातन धर्म की शाश्वतता, मानवीय मूल्यों,गौ सेवा,सार्वभौमिक आध्यात्मिक एवं नैतिक आदर्शों में अटूट और दृढ़ विश्वास रखता है।
हिंदुत्व रक्षा महासंघ सभी हिंदू संगठनों के साथ विधिसम्मत समन्वय, सहयोग और विश्वास के सेतु का निर्माण करता है। यह संगठन सभी हिंदू संगठनों को एक संगठित परिवार के रूप में वैचारिक रूप से जोड़ते हुए, परस्पर विश्वास, सहयोग और समन्वय की विचारधारा में विश्वास रखता है। हिंदुत्व रक्षा महासंघ महान सनातन विचारधारा का जीवंत संगठित स्वरूप है। । यह संगठन संतों एवं महात्माओं की आध्यात्मिक परंपरा और मार्गदर्शन से प्रेरित होकर, खेतों में परिश्रम करने वाले किसानों से लेकर सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों तक, श्रमिकों से लेकर चिंतनशील बुद्धिजीवियों तक, शिक्षकों, विचारकों, उपदेशकों, विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, वकीलों, पत्रकारों, चिकित्सकों, उद्यमियों और विद्यार्थियों तक सभी को भावनात्मक, धार्मिक और वैचारिक रूप से एक सूत्र में बाँधने का कार्य करता है।
हमारे प्रेरणा-स्रोत वेद, पुराण, ऋषि-मुनियों की दिव्य परंपरा, श्रीमद् भगवद्गीता और रामायण हैं। साथ ही योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण तथा मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम द्वारा प्रदत्त सद्बुद्धि, आदर्श और जीवन-मूल्य हमें सतत दिशा, शक्ति और मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
हम इस तथ्य में पूर्ण आस्था रखते हैं कि हिन्दू समाज की वर्तमान दुर्दशा का निवारण, उपचार एवं उसका गौरवपूर्ण पुनरुत्थान अखंडनीय सनातन एकता के बिना संभव नहीं है। एकता, बंधुत्व और सांस्कृतिक चेतना के इस महाअभियान में हम आपके सक्रिय सहयोग की हृदय से आकांक्षा रखते हैं।