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भारत की सनातन संस्कृति “वसुधैव कुटुम्बकम्” और “सर्वे भवन्तु सुखिनः” के आदर्शों पर आधारित है। इन्हीं महान मूल्यों को आधार बनाकर मानव अधिकार रक्षा महासंघ का गठन किया गया है, जो समाज के प्रत्येक व्यक्ति के सम्मान, सुरक्षा और न्याय के अधिकार की रक्षा हेतु समर्पित है।
यह मानव अधिकार प्रकल्प हिंदुत्व रक्षा महासंघ के अधीन कार्य करते हुए मानव अधिकार रक्षा महासंघ नाम से भारतीय परिप्रेक्ष्य में मानव अधिकारों की रक्षा, सामाजिक न्याय की स्थापना, तथा राष्ट्रहित और संस्कृति के संरक्षण के लिए सक्रिय रूप से कार्य करता है।यह हिंदुत्व रक्षा महासंघ की मानवाधिकार इकाई है जो अखिल भारतीय स्तर पर कार्यरत है तथा प्रत्येक जिला/ जनपद, ब्लॉक और ग्राम स्तर तक मानवाधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं एवं भारतीय संविधान में प्रदत्त नागरिकों के मूल अधिकारों की रक्षा करने में संवैधानिक और क़ानूनी उपचारों का प्रयोग करते हुए सभी के लिए समानता ,स्वतंत्रता, बंधुत्व और न्याय प्राप्ति के आदर्शों को ध्यान में रखते हुए कार्य करती है | हम यह मानते है की मानव अधिकारों का हनन न सिर्फ कानून व्यवस्था को प्रश्नांकित करता है बल्कि धर्म और संस्कृति के बुनियादी मूल्यों को ठेस पहुंचाता है | मानव गरिमा के साथ जीने के अधिकार का उल्लंघन हमारे संवैधानिक आदर्शों की नींव को कमजोर करता है इसलिए राष्ट्र हित में यह पवित्र महाअभियान जनसहयोग से एक संस्थागत रूप ले चूका हैं

हमारा उद्देश्य केवल अधिकारों की बात करना नहीं, बल्कि कर्तव्यों के प्रति जागरूक समाज का निर्माण करना है, जहाँ प्रत्येक नागरिक सुरक्षित, सम्मानित और सशक्त महसूस करे।

⚖️ हमारे प्रमुख कार्य (Functions / Objectives)
✔️ समाज में मानव अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना
✔️ पीड़ित एवं वंचित वर्गों को कानूनी एवं सामाजिक सहायता प्रदान करना
✔️ महिला, बालक, वृद्ध एवं कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा करना
✔️ अन्याय, अत्याचार एवं शोषण के विरुद्ध आवाज उठाना
✔️ प्रशासन एवं संबंधित संस्थाओं के साथ समन्वय कर न्याय दिलाना
✔️ राष्ट्र, धर्म एवं संस्कृति के विरुद्ध हो रहे कृत्यों का वैधानिक विरोध करना
✔️ सेवा, सुरक्षा एवं संगठन के माध्यम से सशक्त समाज का निर्माण करना

🤝 सदस्यता / जुड़ने की प्रक्रिया (Joining Process)
मानव अधिकार रक्षा महासंघ से जुड़कर आप भी समाज सेवा और न्याय की इस पवित्र यात्रा का हिस्सा बन सकते हैं।

👉 सदस्य बनने के लिए आवश्यक बिंदु:

🔹 आवेदक भारत का जिम्मेदार नागरिक हो
🔹 समाज सेवा एवं राष्ट्रहित के प्रति समर्पित हो
🔹 संगठन के नियमों एवं अनुशासन का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध हो
🔹 निर्धारित सदस्यता फॉर्म भरकर आवेदन करना होगा
🔹 आवश्यक दस्तावेज एवं परिचय विवरण जमा करना होगा
🔹 न्यूनतम सदस्यता सेवा सहयोग राशि (यदि लागू हो) जमा करनी होगी |

🚩 हमारा संकल्प
“मानव अधिकारों की रक्षा, राष्ट्र की सेवा और संस्कृति का संरक्षण — यही हमारा उद्देश्य है।”